Feeling of Love जैसा कुछ नहीं है- (By Himanshu Arora)

अक्सर शादी के बाद पति या पत्नी से सुना जाता है कि अब उनके प्यार में कमी आ गयी है, पहले वो ऐसी नहीं थी या पहले वो मेरी बहुत इज्ज़त करता था l मेरी पत्नी से मेरा अब रिश्ता वैसा नहीं रहा जैसा शादी से पहले था या फिर जैसा शादी के बाद एक दो साल था l बहुत सारे बदलाव आ चुके है, ये शिकायत कई बार पत्निओं को भी अपने पतिओं से रहती है l
तो इसके लिए मैं कहता हूँ कि आप उनसे प्यार करें l
तो लोग कहते है कि अगर वो feeling ही नहीं है तो प्यार कैसे करें


दोस्तों प्यार करना किसी काम को करने जैसा है, फिर चाहे उस काम को करने का आपका मन हो या ना हो,
जैसे प्रशंसा करना, एक दुसरे की बात मानना, एक दुसरे के काम को सराहना, एक दुसरे कि बात को ध्यान से सुनना ,
तो क्या मैं आप से पूछ सकता हूँ कि क्या आप ये सब करने के इच्छुक है?
ये तो फिल्मों में प्यार के सबंध में कुछ ऐसे दृश्य दिखाए जा रहे है कि हमें लगता है , प्यार करने के लिए किसी एहसास या किसी feeling का होना जरूरी है , जब कि यह सिर्फ और सिर्फ किसी काम को करने जैसा ही है, इसके इलावा कुछ नहीं l
दुसरे शब्दों में कहें तो प्यार sacrifice है l क्या आप अपने बच्चों के लिए कुछ चीजों का sacrifice करते है, और वो त्याग वो sacrifice इसीलिए किया जाता है क्यूंकि आप उनसे प्यार करते हैl
इस लिए अगर आप चाहते है कि आपका और आपकी पत्नी या आपके पति के बीच सब कुछ पहले जैसा हो तो sacrifice करना सीखें, एक दुसरे कि बातों को सुने, समझे , एक दुसरे की प्रशंसा करें और कुछ आदतों को जो सामने वाले को पसंद नहीं है, उसको छोड़े, उनका त्याग करें l फिर देखना , जो होगा वो चमत्कार से कम नहीं होगा l

– Himanshu Arora (My Ideas and Thinking)

2 thoughts on “Feeling of Love जैसा कुछ नहीं है- (By Himanshu Arora)

  1. Very practical & mature Idea. Young couples of this Era like every thing, which is Instantly available just like instant foods. But family environment particularly Married Couple relationships is totally based on care & patience they show for each other. Thaugh it’s difficult some times but they have to, for the children who watch & develop their personality as per their parents behaviour.
    If couple starts this principle of Appreciation, for each other as duty bound, Rest assure it will automatically become life long natural love bound. It’s my personal experience.

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  2. Hello

    Sahi kaha aapne.

    Pyar just ek word hai. Science ke hisaab se pyar sirf Hormone ke high level ka naam h.
    Hormone levels dimag me pyar create kr deti hai…

    Thik thik, kehna muskil hai ki pyar kya hai..

    Par by-god
    Pyar kamaal ki cheez h…

    👍

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